What Says Author …

मेरा प्रथम काव्य संग्रह 'सफर में फूल चुने मैंने' अनुराधा प्रकाशन, दिल्ली से २०१४ में प्रकाशित हो चुका है, इस में मैंने जिंदगी के सभी आयामों पर हास्य-व्यंग, प्रेम, श्रृँगार, करूणा, चिंतन, साहित्यक, सामाजिक एवम् राजनीती पर लिखने का प्रयास किया है | इस संग्रह में कविता, ग़ज़ल, गीत, चुटकले एवम् लघु कथा के रूप में प्रस्तुत हैं |

जिंदगी के सफर में फूल भी मिले तो काँटे भी, फूलों में सुगंध भी मिली और काँटे की टीस भी, सफर में जो देखा, सीखा, समझा और महसूस किया, इस काव्य संग्रह में प्रस्तुत हैं | आशा है ये मेरी छोटी सी कोशिश आप को पसंद आएगी | लोगो को अक्सर तीन भागों में बाँटा जाता है, उच्च आय वर्ग, मध्यम आय वर्ग, निम्न आय वर्ग,

READ MORE

© SANJEEV KUMAR BURMAN | All Right Reserved.

Powered By : ZAP Infotech